अन्याय पहले आंख दिखता है, हथियार उठता है फिर हुकूमतो का सहारा लेता है और तब भी वह जीत नही पाता तो चरित्र पर लालछन लगाता है।
मुझे किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नही ये शहर और मीडिया के बंधु सब जानते है।
कुछ भी हो जाए ना मैं रुकूँगा ना झुकूंगा। अन्याय के खिलाफ शामली की ये लड़ाई जारी रहेगी।